मस्सों का देसी सरल घरेलु उपचार :-
मस्से शरीर पर कहीं भी हों खूबसूरती को कम कर देते हैं, विशेषकर चेहरे पर होने वाले मस्से। मस्से होने का मुख्य कारण पेपीलोमा वायरस है। त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के आ जाने से छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं। जिन्हें मस्सा कहा जाता है। यदि आप भी मस्सों से परेशान है तो त्वचा पर इन बिन बुलाए मेहमानों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। इन उपायों से आसानी से आप मस्सों को दूर कर कर सकते हैं।
* गाँठ को घोलने में कचनार पेड़ की छाल बहुत अच्छा काम करती है. आयुर्वेद में कांचनार गुग्गुल इसी मक़सद के लिये दी जाती है जबकि ऐलोपैथी में ओप्रेशन के सिवाय कोई और चारा नहीं है.
* आकड़े के दूध में मिट्टी भिगोकर लेप करने से तथा निर्गुण्डी के 20 से 50 मि.ली. काढ़े में 1 से 5 मि.ली अरण्डी का तेल डालकर पीने से लाभ होता है।
* गेहूँ के आटे में पापड़खार तथा पानी डालकर पुल्टिस बनाकर लगाने से न पकने वाली गाँठ पककर फूट जाती है तथा दर्द कम हो जाता है।
* बेकिंग सोडा और अरंडी तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल करने से मस्से धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।
* बरगद के पत्तों का रस मस्सों के उपचार के लिए बहुत ही असरदार होता है। इसके रस को त्वचा पर लगाने से त्वचा सौम्य हो जाती है और मस्से अपने आप गिर जाते हैं।
मस्से शरीर पर कहीं भी हों खूबसूरती को कम कर देते हैं, विशेषकर चेहरे पर होने वाले मस्से। मस्से होने का मुख्य कारण पेपीलोमा वायरस है। त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के आ जाने से छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं। जिन्हें मस्सा कहा जाता है। यदि आप भी मस्सों से परेशान है तो त्वचा पर इन बिन बुलाए मेहमानों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। इन उपायों से आसानी से आप मस्सों को दूर कर कर सकते हैं।
* गाँठ को घोलने में कचनार पेड़ की छाल बहुत अच्छा काम करती है. आयुर्वेद में कांचनार गुग्गुल इसी मक़सद के लिये दी जाती है जबकि ऐलोपैथी में ओप्रेशन के सिवाय कोई और चारा नहीं है.
* आकड़े के दूध में मिट्टी भिगोकर लेप करने से तथा निर्गुण्डी के 20 से 50 मि.ली. काढ़े में 1 से 5 मि.ली अरण्डी का तेल डालकर पीने से लाभ होता है।
* गेहूँ के आटे में पापड़खार तथा पानी डालकर पुल्टिस बनाकर लगाने से न पकने वाली गाँठ पककर फूट जाती है तथा दर्द कम हो जाता है।
* बेकिंग सोडा और अरंडी तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल करने से मस्से धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।
* बरगद के पत्तों का रस मस्सों के उपचार के लिए बहुत ही असरदार होता है। इसके रस को त्वचा पर लगाने से त्वचा सौम्य हो जाती है और मस्से अपने आप गिर जाते हैं।
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