125-125
ग्राम सिंघाड़े का आटा, चीनिया गोंद व बबूल गोंद, 500 ग्राम शकर और 250
ग्राम घी लें। पहले दोनों गोंदों को भूनकर चूर्ण बना लें। इसके बाद शकर की
चाशनी बनाकर उसमें सभी सामग्री को डालकर पाक तैयार करके रख लें। इसे 25-30
ग्राम की मात्रा में हर रोज दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन की शिकायत
दूर हो जाती है।
* यह महिलाओं की सेक्सुअल डिसीज में भी लाभकारी है। गर्भाशय की कमजोरी, बार-बार गर्भस्राव होना, प्रदर रोग में सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर सेवन करना या सिंघाड़े के आटे की रोटी बनाकर खाना लाभकारी होता है।
* सेक्सुअल पावर को बढ़ाने के लिए कौंचबीन चूर्ण, सफेद मूसली, तालमखाना, अश्वगंधा चूर्ण को बराबर मात्रा में लेकर 10-10 ग्राम की मात्रा में ठंडे दूध से सेवन करें।
* 5 ग्राम सुपारी का चूर्ण घी के साथ मिलाकर खाएं और ऊपर से गाय या बकरी का दूध पीएं। इससे यौन विकार दूर होता है।
* डेढ़ ग्राम जलकेशर का चूर्ण और डेढ़ ग्राम अशोक की छाल का चूर्ण लेकर दोनों को मिलाकर सुबह-शाम मक्खन व मिश्री के साथ सेवन करें। इससे सेक्सुअल रिलेशन में होने वाले दर्द से छुटकारा मिलता है।
* रक्ताल्पता के कारण शरीर में कमजोरी हो या यौन दुर्बलता महसूस करते हों, तो एक कप पालक का रस, एक कप गाजर का रस, आधा कप चुकंदर का रस और आधा कप सेब का रस सभी को मिलाकर दिन में तीन बार लें। इससे आपकी सारी शिकायतें दूर हो जाएंगी। इसका सेवन नियमित रूप स कम से कम 21 दिन करें।
* यह महिलाओं की सेक्सुअल डिसीज में भी लाभकारी है। गर्भाशय की कमजोरी, बार-बार गर्भस्राव होना, प्रदर रोग में सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर सेवन करना या सिंघाड़े के आटे की रोटी बनाकर खाना लाभकारी होता है।
* सेक्सुअल पावर को बढ़ाने के लिए कौंचबीन चूर्ण, सफेद मूसली, तालमखाना, अश्वगंधा चूर्ण को बराबर मात्रा में लेकर 10-10 ग्राम की मात्रा में ठंडे दूध से सेवन करें।
* 5 ग्राम सुपारी का चूर्ण घी के साथ मिलाकर खाएं और ऊपर से गाय या बकरी का दूध पीएं। इससे यौन विकार दूर होता है।
* डेढ़ ग्राम जलकेशर का चूर्ण और डेढ़ ग्राम अशोक की छाल का चूर्ण लेकर दोनों को मिलाकर सुबह-शाम मक्खन व मिश्री के साथ सेवन करें। इससे सेक्सुअल रिलेशन में होने वाले दर्द से छुटकारा मिलता है।
* रक्ताल्पता के कारण शरीर में कमजोरी हो या यौन दुर्बलता महसूस करते हों, तो एक कप पालक का रस, एक कप गाजर का रस, आधा कप चुकंदर का रस और आधा कप सेब का रस सभी को मिलाकर दिन में तीन बार लें। इससे आपकी सारी शिकायतें दूर हो जाएंगी। इसका सेवन नियमित रूप स कम से कम 21 दिन करें।
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